अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 100 से अधिक घायल, 200 पर FIR दर्ज 

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Encroachment Removal went to attack on forest

भोपाल :- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अतिक्रमण एन्क्रोचमेंट हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिसमें वन विभाग की टीम के सदस्यों के अलावा स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं। घायलों में कई लोगों को गंभीर चोट लगी है।  सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। घटना बीते 7 अगस्त की बताई जा रही है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 330 किलोमीटर दूर बुरहानपुर के नेपानगर पुलिस थाना क्षेत्र में यह घटना हुई हैं। अभी तक पुलिस ने मामले में करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुरहानपुर के एएसपी एमआर तरनेकर ने बताया कि घटना में तीन लोगों के सिर में गंभीर चोट लगी है और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने शनिवार को नेपानगर पुलिस स्टेशन में 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले में सरकारी काम में बाधा समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं।

इसके साथ ही बुरहानपुर के जिला वन अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि “घाघराला गांव के वन अधिकारी और निवासी नवरा रेंज में गए थे, जहां आदिवासियों द्वारा कथित अतिक्रमण हुआ था, जो हाल ही में बड़ी संख्या में पड़ोसी जिलों से चले गए थे। हमारे पास रिपोर्ट थी कि 200 से अधिक आदिवासी पेड़ उखाड़कर जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं। वन टीमों ने उनसे कई बार अनुरोध किया, लेकिन हर बार उन्होंने अपना आक्रामक रूख दिखाया। यह चौथी घटना है, जब उन्होंने वन टीम पर हमला किया गया। स्थानीय ग्रामीण, जो अतिक्रमण का विरोध कर रहे हैं, शुक्रवार को वन टीम की मदद के लिए आगे आए, लेकिन जब वे साइट पर पहुंचे, तो अतिक्रमणकारियों ने स्लिंग शॉट्स का उपयोग करके पथराव करना शुरू कर दिया और उन पर तीरों से हमला भी किया।

इसके बाद वन अधिकारी चौधरी ने कहा कि इस घटना के पीछे एक संगठित भू-माफिया हो सकता है। जो इन आदिवासियों का इस्तेमाल जमीन पर अतिक्रमण के लिए कर रहा है। हालांकि, नवरा रेंज के अधिकारी गुलाब सिंह ने दावा किया कि पुलिस अतिक्रमण विरोधी अभियान में उनका समर्थन नहीं कर रही है। एएसपी तारनिकर ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा यह एक संवेदनशील मुद्दा है और हम अधिकारियों को सूचित किए बिना अचानक कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। 

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